Sad Shayari
Read heart touching sad shayari full of pain and emotions. Deep lines for broken hearts, loneliness and silent tears.
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हम हँसते तो बहुत हैं लोगों के सामने,
पर अंदर कहीं टूटते रोज़ हैं।
दर्द इतना चुप हो गया है,
कि अब आँखें भी शिकायत नहीं करतीं।
जिसे अपना समझा वही दूर हो गया,
अब किसी से उम्मीद करना भारी लगता है।
अब खामोशी ही सबसे अच्छी दोस्त है,
कम से कम सवाल तो नहीं करती।
हमने बहुत कोशिश की संभलने की,
पर यादें आज भी रुला देती हैं।
दर्द तब और बढ़ जाता है,
जब अपना ही समझ न पाए।
अब किसी से गिला नहीं करते,
क्योंकि सब अपने जैसे नहीं होते।
वक्त ने सिखा दिया है अब,
हर मुस्कान खुशी नहीं होती।
दिल थक सा गया है अब,
हर बार टूटकर जुड़ने से।
कभी हम भी बहुत खास थे,
आज बस यादों में ही रह गए।
अब रोने से भी सुकून नहीं मिलता,
शायद दर्द ने आदत बना ली है।
हमने खुद को मजबूत दिखाया है,
पर अंदर बहुत कुछ टूटा है।
खामोशियां कभी बेवजह नही होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं।
कहने को तो आंसू अपने होते हैं, पर देता कोई और ही है।
मिट जाते हैं औरों को मिटाने वाले, लाश कहाँ रोती है, रोते हैं जलाने वाले।
खो देते हैं फिर खोजा करते हैं,, यही खेल हम जिंदगी भर खेला करते हैं।
बदल जाते हैं वो लोग वक्त की तरह जिन्हें हद से ज्यादा वक्त दिया जाए।
दिल का दर्द आँखों से बयान होता है, ज़रूरी नही के हर ज़ख्म का निशान होता है।
हम हँसते तो सब ठीक समझ लेते हैं,
अंदर का दर्द कोई नहीं देखता।
जिसे सबसे ज़्यादा चाहा हमने,
उसी ने सबसे ज़्यादा रुलाया।
कुछ खामोशियाँ जवाब नहीं होतीं,
बस दर्द की आदत बन जाती हैं।
हम टूटे तो आवाज़ नहीं आई,
बस अंदर कुछ बिखर गया।
कभी खुद से पूछना पड़ेगा,
इतना सहना जरूरी क्यों था।
हमने शिकायत भी नहीं की,
बस चुपचाप दूरी बना ली।
कुछ लोग छोड़ जाते हैं ऐसे,
जैसे कभी हमारे थे ही नहीं।
हमने उम्मीदें कम कर लीं,
ताकि दर्द थोड़ा कम हो जाए।
हर रात वही सवाल परेशान करता है,
क्या कमी रह गई थी मुझमें।
हमने दिल संभालना सीख लिया है,
क्योंकि टूटने वाला कोई नहीं बचा।
कभी किसी से इतना मत जुड़ो,
कि बिछड़ना ही सज़ा बन जाए।
अब हम कम बोलते हैं,
क्योंकि दर्द को शब्द नहीं चाहिए।
लोग शोर से जाग जाते हैं साहब हमें एक इंसान की खामोशी सोने नही देती।
इतने बुरे तो नही थे हम जितना इल्जाम लगाया लोगों ने, कुछ किस्मत खराब थी, कुछ आग लगाई लोगों ने।
कुछ ख्वाहिशें कुछ चाहतें अभी बाकी हैं, टूट कर भी लगता है टूटना अभी बाकी है।
चेहरे पर हँसी और दिल में गम, कुछ इस तरह से जी रहे हैं हम।
थोड़ा सा दर्द बांटने के लिए आया था कोई, रुकसत हुआ तो अपना गम भी मुझे दे गया।
अपनी शामों में हिस्सा, फिर किसी को ना दिया, इश्क तेरे बिना भी, मैंने तुझसे ही किया।