SHAYARI

Bewafa Shayari

Read the best Bewafa Shayari to express pain, betrayal, and heartbreak. Emotional poetry for broken hearts and lost love.
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तेरी बेवफ़ाई ने सिखा दिया मुझे,
हर मुस्कान के पीछे सच नहीं होता।

जिसे अपना समझा वही बदल गया,
शायद वफ़ा अब कहानी बन चुकी है।

बेवफ़ा निकले वो लोग भी,
जिन्हें टूटकर चाहा हमने।

तेरी खामोशी ने बता दिया,
अब वफ़ा की उम्मीद बेकार है।

हमने निभाया दिल से हर रिश्ता,
और तूने बदल दिया वक्त के साथ।

वफ़ा की उम्मीद तुझसे करना,
शायद मेरी सबसे बड़ी भूल थी।

तेरे बदलने का दुख नहीं रहा,
अपनी सादगी पर अफ़सोस है।

जिस दिल को संभालकर रखा था,
उसी दिल से खेलकर चले गए।

तेरी बेवफ़ाई का ज़िक्र अब नहीं करते,
बस खुद को संभालना सीख लिया है।

जिसे चाहा वही समझ न पाया,
और गैरों ने हाल पूछ लिया।

अब वफ़ा शब्दों में ही अच्छी लगती है,
हक़ीक़त में तो दर्द देती है।

तेरी बेवफ़ाई ने मजबूत बना दिया,
वरना हम भी बहुत नाज़ुक थे।

bewafa shayari 1

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी, बेवफ़ा मैंने तुझको भुलाया नही अभी।

bewafa shayari 2

तेरी चाहत में रुसवा यूं सरे बाजार हो गए, हमने ही दिल खोया और हम ही गुनहगार हो गए।

bewafa shayari 3

गम ही गम है जिंदगी में खुशी मुझे रास नही, मोहब्बत ऐसी से हुई जिससे मिलने की कोई आस नही!!

bewafa shayari 4

बेवफ़ा वक्त था, तुम थे या था मुक्कदर मेरा, बात इतनी ही है की अंजाम जुदाई निकला।

bewafa shayari 5

इस दुनिया में मोहब्बत की तकदीर बदलती है, शीशा तो वही रहता है बस तस्वीर बदलती है।।

bewafa shayari 6

वादे तो सभी करते हैं लेकिन जिंदगी भर कोई साथ नही निभाता, बेवफा होकर अगर भुलाई जाती यादें तो मुस्कुरा के कोई अपने गम नही छुपाता।

तेरी बेवफ़ाई का शिकवा नहीं रहा,
अब खुद से सवाल ज़्यादा होते हैं।

जिसे अपना सब कुछ माना,
वही सबसे बड़ा धोखा दे गया।

वफ़ा की बातें करते रहे वो,
और निभाने का मतलब बदलते रहे।

हमने भरोसा दिल से किया था,
और तूने उसे खेल समझ लिया।

तेरी बेवफ़ाई ने यह तो सिखा दिया,
हर साथ हमेशा का नहीं होता।

जिसे अपना दर्द बताया था,
उसी ने सबसे ज़्यादा दर्द दिया।

अब किसी से वफ़ा की उम्मीद नहीं,
क्योंकि एक बार टूटना काफ़ी था।

तेरे जाने के बाद समझ आया,
वफ़ा से ज़्यादा खुद की क़दर ज़रूरी है।

हमने शिकायत करना छोड़ दिया,
क्योंकि सच अब साफ़ दिखता है।

वो वादे आज भी याद हैं,
जो निभाने के लिए कभी बने ही नहीं थे।

तेरी बेवफ़ाई ने खामोश कर दिया,
वरना हम भी बोलने वाले थे।

अब वफ़ा की बातें नहीं करते,
सिर्फ़ खुद से सच्चे रहते हैं।

bewafa shayari 7

हम तो जल गए उस की मोहब्बत में मोम की तरह… अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे तो उसकी वफ़ा को सलाम..

bewafa shayari 8

गम की परछाइयां यार की रुसवाईयां वाह रे मोहब्बत! तेरे ही दर्द और तेरी हो दवाईयां।

bewafa shayari 9

बड़े शौक से बनाया तुमने मेरे दिल में अपना घर, जब रहने की बारी आई तो तुमने अपना ठिकाना बदल लिया।

bewafa shayari 10

तेरी जुदाई का शिकवा करूं भी तो किससे करूं, यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता है।

bewafa shayari 11

एक उम्र तक मैं जिसकी जरूरत बना रहा, फिर यूँ हुआ की उसकी जरूरत बदल गई।

bewafa shayari 12

हमें तो कब से पता था की तू बेवफ़ा है ! तुझे चाहा इसलिए कि शायद तेरी फितरत बदल जाए।